खून का रंग :- व्यक्ति के शरीर में 3 से 4 किलोग्राम खून की मात्रा होती है |

यह खून हमारे समपर्ण जीवन काल में धमनियों (Arteries) , शिराओं(Veins) और कोशिकाओ (capillaries) में घूमता रहता है | संसार के सभी व्यक्तिओ के खून का रंग लाल होता है |

लेकिन खून के रंग का संबध त्वचा के रंग से नही होता है |

“खून का रंग लाल क्यों होता है|

इस प्रशन का उत्तर  समझने के लिये हमें खून की संरचना को समझना होगा |

आइये समझते है खून की संरचना “

हमारे रक्त के मुख्य रूप से चार (4) अवयव है :-

  1. प्लाज्मा (Plasma)
  2. श्वते रक्त कण (White Blood Corpuscles)
  3. लाल रक्त कण (Red Blood Corpuscles)
  4. प्लेटलेट्स (Platelets)
प्लाज्मा (Plasma)

              प्लाज्मा (Plasma)    रक्त की आधी से अधिक मात्रा प्लाज्मा की होती है | यह पीले रंग का गाडा द्रव होता है | इसमें प्रोटीन , एंटीबॉडीज (Antibodies) , फाईब्रिनोजन (Fibrinogen) , काब्रोहाईड्रेट , वसा(Fat) , लवण आदि मिले होते है |

लाल रक्त कणों(Red Blood Corpuscles)

             लाल रक्त कणों(Red Blood Corpuscles) के कारण ही खून का रंग लाल होता है | इनकी बनावट तश्तरी जैसी होती है | इनका आकार 0.008 मिलीमीटर के लगभग होता है | ये कण शरीर में ऑक्सीजन को एक स्थान से दुसरे स्थान तक ले जाते है | इन में लाल रंग का हिमोग्लोबिन नामक पिगमेंट होता है |   हिमोग्लोबिन लोहे और प्रोटीन से मिलकर बनता है | एक सामन्य स्त्री के प्रति घनमिलीमीटर में इनकी संख्या 45 लाख होती है और वही आदमी में  प्रति घनमिलीमीटर में इनकी संख्या 55 लाख होती है |

शरीर में इनकी कमी होने से रक्त की कमी हो जाती है मतलब(Anaemia) हो जाता है |

प्रत्येक लाल रंग रक्त कण लगभग चार महीने जिन्दा रहता है |

इसके बाद वह टूट जाता है और उसके स्थान पर नया बन जाता है |

इन कणों का बनना और टूटना जीवन भर चलता रहता है |

अत: खून का लाल रंग इन कणों में उपस्थित हिमोग्लोबिन के कारण होता है “

श्वते रक्त कणों (White Blood Corpuscles)

श्वते रक्त कणों (White Blood Corpuscles) की संख्या काफी कम होती है| इन का आकार लगभग 0.01 मिलीमीटर होती है|

लगभग प्रत्येक 700 लाल कणों के साथ एक श्वते कण होता है |

ये आम तोर पर रोग के कीटाणुओं के विरुद्ध संघर्ष करते है |

प्लेटलेट्स (Platelets)

                         प्लेटलेट्स (Platelets)का आकार बहुत ही छोटा होता है , इन का आकार लगभग 0.002  मिलीमीटर होता  है | इनकी संख्या एक घन मिलीमीटर में 150,000 से 400,000 तक होती है | शरीर में किसी भी भाग में कट जाने पर खून रोकने में इन का महत्पूर्ण योगदान होता है |

“धन्यवाद “

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