बेहोश (अचेत )

कई बार हम अपने जीवन में देखते है कि कुछ लोग कोई दु:खी खबर (समाचार)सुनकर या अचानक डर कर बेहोश हो जाते है |

  • उनका शरीर पसीने से भीग जाता है व् ठंडा पड़ जाता है |
  • बेहोशी में चेहरे पर फीकापन आ जाता है |
  • शरीर कि चेतनता कम हो जाती है |

                        बेहोशी  केवल दु:खद समाचार या भय से नही होती है,बल्कि और कई कारणों से पैदा हो सकती है |

बंद कमरों में रहने वाले लोग जहा पर सूद हवा कम मिलती है या वायु कम मात्रा में आती है वहाँ भी लोग बेहोश हो जाते है |

तेज भूख और तेज थकान के कारण भी कभी-कभी बेहोश हो जाते  है |

किसी भी प्रकार का तेज दर्द और भावनात्मक धक्का लगने पर भी बेहोशी का कारण बन सकता है |

सर पर चोट लगने से भी अचेतनता (बेहोशी)पैदा हो जाती है |

बेहोशी का कारण जानने के लिये जरूरी है कि हम पहले ये जान लेते है कि अचेतनता (बेहोशी) होती क्या है ?

  • सामान्य रूप से काम करने के लिये आवश्यक है कि मस्तिष्क में रक्त का संचार उचित प्रकार से होता रहे |
  • जब तक हमारे मस्तिष्क में खून कि उचित मात्रा पहुचती रहती है , तब तक हमारी सारी क्रियाऐ सामान्य होती रहती है
  • मस्तिष्क के सामान्य रूप से कार्य करने को ही चेतनता कहते है |
  • मस्तिष्क के अन्दर रक्त का आभाव होना ही बेहोशी का कारण है |

                                        अत: मस्तिष्क में रक्त के  संचार में कमी या संचार उचित प्रकार से नही होना ही बेहोशी का कारण है , या मस्तिष्क में रक्त के आभाव में बेहोश होते है |

बेहोशी को रोकने का उपाय :-

यदि कोई व्यक्ति यह महसूस करे कि उसे अचेतनता (बेहोशी) हो रही है तो तुरंत निचे बैठ जाना चाहिए |

यदि कोई व्यक्ति यह महसूस करे कि उसे अचेतनता (बेहोशी) हो रही है तो तुरंत निचे लेट जाना चाहिए |

इन दोनों ही तरीको में खून का प्रवाह मस्तिष्क कि और बढ़ जाता है और जैसे ही मस्तिष्क में खून कि मात्रा उचित रूप से पहुच जाति है तो बेहोशी को रोका जा सकता है |

व्यक्ति बेहोश हो गया हो तो उपाय :-
उसे तुरंत ही लिटा देना चाहिय |
उसके कपड़े ढीले कर देना चाहिय |

सिर को निचा और टांगो को ऊपर उठा देना चाहिय |

                                     ऐसा करने से मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह बढ़ जायेगा और व्यक्ति चेतन अवस्था में आ जाएगा |

जब व्यक्ति चेतन अवस्था में आ जाये तो उसे तुरंत चाय या कॉफ़ी पिलानी चाहिए |

सिर पर चोट या लू लगने और बिना नार्मल बेहोशी की स्थितियो  में तुरंत ही डॉक्टर कि सलाह लेनी चाहिय |

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2 thoughts on “  बेहोश क्यों होते है ?”

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